ख़ुदा ख़ैर करे

ताज़ियानों की है बौछार  ख़ुदा ख़ैर करे
मर न जाए कहीं बीमार ख़ुदा ख़ैर करे।

एक  बीमार  जो  क़ैदी  है बरहनापा भी
और उसपर है  रहेख़ार ख़ुदा ख़ैर करे।

दम भी  लेने  नहीं  पाती  है  सकीना बीबी
इक नया ज़ुल्म है हर बार ख़ुदा ख़ैर करे।

हाय क़ैदी हैं हरम  सर पा रिदाएं भी नहीं
और है मजमए अग़ियार ख़ुदा ख़ैर करे।

सर खुले  ज़ैनबो   कुलसूम   हैं  बाज़ारों  में
ये क़यामत  के  हैं  आसार  ख़ुदा ख़ैर करे।

मर न जाए  कहीं  ग़ैरत  से अ़ली की बेटी
आ गया शाम का बाज़ार ख़ुदा ख़ैर करे।

नोके नैज़ा से भी  ग़ैरत का  भरम रखने को
गिर गया  फ़र्क़े  अलमदार  ख़ुदा ख़ैर करे।

गिर गयी पुश्ते शुतर से कहीं बिन्ते शब्बीर
थम गई वक़्त की रफ़्तार ख़ुदा ख़ैर करे।

कट गये शाने  छिदी मश्क लबे नहरे फ़ुरात
गिर गया शह का अलमदार ख़ुदा ख़ैर करे

सुनके बेटे की सदा  जानिबे  मक़तल दौड़े
गिरते पड़ते  शहे  अबरार ख़ुदा  ख़ैर करे।

हर तरफ़ तेज़ है बेदाद की आंधी 'आ़रिफ़'
मुश्किलों में हैं अज़ादार ख़ुदा ख़ैर करे।
असकरी आ़रिफ़

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