ग़ज़ल Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps - May 25, 2017 राह तारीक सही फिर भी निकल जायेंगे हम तो सूरज हैं, अँधेरों को निगल जायेंगे! इसी उम्मीद पे जीता हूँ कि इक रोज़ ज़रूर मेरे बिगड़े हुये हालात बदल जायेंगे! तुम गिराकर हमें यूँ पस्... Read more